नई दिल्ली: वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो ने कोलंबिया के साथ कूटनीतिक रिश्ते ख़त्म कर दिए हैं. उन्होंने कहा की विपक्ष कोलंबिया की मदद से देश में विदेशी सहायता ला रहा है. उन्होंने विपक्ष की तुलना गद्दारों से भी कर दी. शनिवार को मदुरो ने कहा की हमने कोलंबिया के अधिकारियों और राजदूतों को 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का हुक्म दिया है. कोलंबिया इस समय गहरे आर्थिक संकट से गुज़र रहा है.

मदुरो ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब ब्राज़ील से सटे बॉर्डर पर हिंसक झड़प में दो लोगों की मौत हो गयी. इसके साथ ही वेनेज़ुएला आर्मी के कम से कम 23 जवानों ने विपक्षी लीडर जुआन गाइडो के नेतृत्व में अपना भरोसा जताया. मदुरो के इस फैसले के जवाब में कोलंबिया के विदेश मंत्री कार्लोस होल्म्स ने कहा की हम अपने अधिकारियों की जान और माल की सुरक्षा के लिए उन्हें जल्द से जल्द वेनेज़ुएला से बाहर निकाल लेंगे.

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कोलंबिया से सटे बॉर्डर के क़रीब हिंसक झड़प के बाद वेनेज़ुएला में हालात और बिगड़ गए हैं. राजधानी कैरकस के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में मदुरो के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. वेनेज़ुएला आर्मी ने कोलंबिया से लगे बॉर्डर को सील करने का आदेश दिया है. मदुरो का आरोप है की “कोलंबिया के तरफ से आने वाली साहायता अमेरिका की एक चाल है. देश में खाने पिने या फिर दवाईयों की कोई कमी नहीं है. यह सब मुझे सत्ता से हटाने की अमेरिकी कोशिश है.”

वेनेज़ुएला आर्मी ने आम नागरिकों पर दागे गोले

वेनेज़ुएला नेशनल गार्ड्स के जवानों ने युवा प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे. प्रदर्शनकारी कोलंबिया की सरहद से लगे एक पुल से बैरिकेड हटाने की कोशिश कर रहे थे. यह घटना तब घाटी जब वेनेज़ुएला के विपक्षी नेता जुआन ने यह एलान किया के कोलंबिया के रास्ते सहायता सामग्री ला रहे 12 ट्रक वेनेज़ुएला के सरहदी शहर कूकता आएंगे. जुआन को पश्चिमी देश वेनेज़ुएला का नेता मानते हैं. इन 12 ट्रक को वेनेज़ुएला की आर्मी ने सरहद से ही वापस भेज दिया.

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