प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के फेस-2 को मिली मंज़ूरी

20 फरवरी को यूनियन कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना को जारी रखने के साफ़ संकेत दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यूनियन कैबिनेट मिनिस्टर ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के फेस-2 को मंज़ूरी दे दी है.

यूनियन कैबिनेट ने मार्च से पहले ही प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना फेस-2 को मंज़ूरी दे दी है. इस योजना अंतर्गत 1.95 करोड़ पक्के मकान बनाने का लक्ष्य तय किया गया है. इस मीटिंग के दौरान जो निर्णय लिए गए, वो हैं:

1. 2022 से पहले 1.95 पक्के मकानों का निर्माण
2. प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना को जारी रखना
3. 2019-20 में प्रधनमंत्री आवास योजना फेस-1 कि तर्ज पर 60 लाख घरों का निर्माण और इसके लिए 76,500 करोड़ रूपए ख़र्च होंगे
4. मौजूदा स्कीम के मूल्यांकन के बाद अगले सत्र से पहले 2019-20 में योजना का जारी रहना
5. वित्त मंत्रालय के परामर्श से ग्रामीण विकास मंत्री की मंजूरी के साथ उन राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के लिए प्राथमिकता के आधार पर 1.95 करोड़ की सीमा के साथ, PMAY-G की स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) में अंतिम आवास सूची से अतिरिक्त पात्र परिवारों को शामिल करना
6. 2019-20 तक कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (पीएमयू) और राष्ट्रीय तकनीकी सहायता एजेंसी (एनटीएसए) को जारी रखना
7. योजना की वैधता तक ईबीआर के मौजूदा सिस्टम के ज़रिये अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकता के लिए उधार लेना
8. प्रशासनिक खर्चे को 4% से 2% तक प्रोग्राम फंड्स में से करना
9. बचे हुए 2% को दूसरी प्रशासनिक विभागों में लगाना में लगाना
10. बचे हुए ग्रामीण परिवारों को जो कि आवासहीन हैं या टूटे-फूटे घरों में रह रहे हैं, 1.22 करोड़ की हाउसिंग स्कीम के अंतर्गत 2022 तक पक्के मकान देना

अभी तक पिछले ग्रामीण आवास योजना के हिसाब से, सरकार गरीब परिवारों को कुछ ख़ास दे नहीं पायी है. लेकिन इसका जारी रखना आवासहीन लोगों के लिए एक खुशखबरी है.

पब्लिक व्यू डेस्क

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