Jharkhand

झारखंड के पलामू में पहुंचे मजदूरों को सही खाना ना मिलने के कारण पानी पीकर रहना पड़ा

कोरोना काल में एक तरफ अगर संकट से उभरने का चुस्त दुरुस्त प्रबंध दिख रहा है तो कई जगह कुप्रबंधन की ऐसी तस्वीरें दिख रही हैं. जो बता रही हैं कि सरकारें जितनी भी गंभीर हो जाएं व्यवस्था तब तक दुरुस्त नहीं हो सकती, जब तक अधिकारी जिम्मेदार ना हों.

जमीन पर बिखरे खाने के डिब्बों की ये तस्वीर झारखंड के पलामू से आई हैं. खाने के ये पैकेट्स उन मजदूरों के लिए तैयार किये गये थे जो लॉकडाउन के बीच देश के अलग अलग राज्यों से अपने राज्य लौटे थे. लेकिन इन लोगों को इतना घटिया खाना दिया गया कि कोई भी पूरा पैकैट नहीं खा पाया.

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खाने की क्वालिटी इतनी खराब थी कि कुछ ही देर में मैदान के कई हिस्सों में खाने के पैकेट्स फेंक दिए गए. जिला प्रशासन ने यहां एक हजार मजदूरों के खाने पीने का इंतजाम किया था. लेकिन बदइंतजामी ऐसी थी कि कुछ ही देर में प्रशासन की पोल खुल गई. हालत ये हो गई कि लोगों को पानी भी मयस्सर नहीं हो पाया और मजदूरों ने जमीन पर पड़ी बोतलों में पानी भर भर कर पिया.

लॉकडाउन में 40 दिन से ज्यादा दूसरे राज्यों में मजबूरी में फंसे मजदूर जब अपने घर लौटे तो उन्हें बड़ी उम्मीद थी कि अब कम से कम सुकून के पल हासिल होंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

हेमंत सरकार ने वादा किया है कि झारखंड आने वाले सभी लोगों का पूरा ख्याल रखा जाएगा. कई जगह इसकी मिसाल भी देखी गई. लेकिन पलामू से आई खबर सरकार के दावों को कमजोर कर रही है. लिहाजा ऐसी घटनाओं पर नजर रखने की जरूरत है ताकि कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में कोई कमी ना रह जाए.

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