कहानी शाहीन बाग में लंगर चलाने वाले एडवोकेट डीएस बिंद्रा की

दिल्ली के शाहीन बाग में CAA-NRC के खिलाफ चल रहे महिलाओं के प्रोटेस्ट की गूंज आज भारत से लेकर दुनियाभर में है. जब से ये प्रदर्शन शुरू हुआ है, तब से किसी ना किसी मुद्दों को लेकर ये प्रोटेस्ट सुर्खियों में रहता है. कभी बिरयानी और पैसे तो कभी नेताओं के शाहीन बाग पर दिए गए भाषण की वजह से.

इस बीच यहां से फिर एक भाईचारे की तस्वीर निकल कर सामने आई है. कई दिनों से लंगर बांट रहे दिल्ली हाई कोर्ट के वकील डीएस बिंद्रा चर्चा में हैं. दरअसल बिंद्रा जी के बारे में खबर आ रही है कि उन्होंने इस लंगर को आगे चलाते रहने के लिए अपना एक फ्लैट बेच दिया है. पब्लिकव्यू से बात करने के दौरान उन्होंने बताया कि लोहड़ी के पहले से ही वो ये लंगर चला रहे है. बिंद्रा ने प्रोटेस्ट में लंगर लगाने की शुरूआत दिल्ली के मुस्तफाबाद और खुरेज़ी से की थी. यहां उन्होंने 4-5 दिन लंगर लगाया और उसके बाद शाहीन बाग चले आए.

बिंद्रा ने पब्लिकव्यू से बात करते वक्त बताया कि उन्होंने जब लंगर लगाना शुरू किया, तो उसके बाद वो इसे बंद नहीं करना चाहते थे। इसके लिए उनके पास इतने पैसे भी नहीं बचें थे, तब उनके बच्चों ने उन्हें फ्लैट बेचने का सुझाव दिया. इस बात के लिए उनकी पत्नी नहीं तैयार थी, लेकिन जब लंगर शुरू हुआ तो उनकी पत्नी ने भी उनका सपोर्ट किया. बिंद्रा ने बताया कि उनके दो बच्चें है एक बेटा जिसकी मोबाइल की शॉप है और बेटी MBA की पढ़ाई कर रही है. वीडियो में आप सुन सकते है कि बिंद्रा कह रहे है कि मुझे एक साल तक ये लंगर चलाना हुआ तो भई चलाऊंगा और जरूरत पड़ी तो बाकि दो फ्लैट यबी बेच दूंगा. डीएस बिंद्रा और उनके बेटे का पूरा वक्त शाहिन हाग मे गुजरता है और उनका कहना जबतक हमारी माता बहने यहां रहेंगी तबतक ये लंगर चलता रहेगा.

पेशे से बिंद्रा एक वकील है. पब्लिकव्यू से बात करते हुए उन्होंने बताया कि वह दिल्ली हाइकोर्ट में वकालत करते है. उनका चेम्बर कड़कड़डूमा कोर्ट में है. वह दिल्ली के रहने वाले है. और जब केन्द्र सरकार ने कैबिनेट में सीएबी पास किया था, तब से ही वो इसका विरोध कर रहे है.

पब्लिक व्यू डेस्क

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