सेरिडॉन एफडीसी प्रतिबंधित दवाओं की सूची से हुई बाहर | Publick View

सेरिडॉन एफडीसी प्रतिबंधित दवाओं की सूची से हुई बाहर

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सेरिडॉन टैबलेट हुआ प्रतिबंधित दवाओं की सूची से बाहर

नई दिल्ली (रिपोर्ट साभार- पीटीआई): सुप्रीम कोर्ट ने दर्द निवारक सेरिडॉन टैबलेट को प्रतिबंधित दवाओं (एफडीसी) की सूची से बाहर निकाल दिया। सेरिडॉन टैबलेट  हल्के एनाल्जेसिक के रूप में वर्गीकृत किया जाता है जिसे बुखार का इलाज करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग पीठ दर्द और सिरदर्द, के मामले में दर्द को दूर करने के लिए किया जाता है।

कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि न्यायालय ने सेरिडान के पक्ष में फैसला सुनाया है। कंपनी ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय ने सितंबर 2018 में पिरामल के सेरिडॉन पर प्रतिबंध पर रोक लगा दी थी जिससे उसे इस एफडीसी के विनिर्माण, वितरण और बिक्री को जारी रखने की स्वीकृति मिली।

कंपनी की कार्यकारी निदेशक नंदिनी पिरामल ने न्यायालय के आदेश पर कहा, ‘हम उच्चतम न्यायालय के आदेश से खुश हैं। यह भारतीय उपभोक्ताओं की विशिष्ट जरूरतों के लिये प्रभावी तथा सुरक्षित चिकित्सा समाधान मुहैया कराने की हमारी प्रतिबद्धता को साबित करता है। हमें भरोसा है कि कानून हमारे पक्ष में रहेगा।’ पीरामल एंटरप्राइजेस ने कहा कि सेरिडॉन पिछले 50 साल से भारत में की हेरीटेज ब्रांड है जिस पर ग्राहक विश्वास करते हैं। सरकार ने पिछले साल सितंबर में सेरिडॉन समेत 328 एफडीसी को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया था।

पीरामल ने कहा कि वो अपने हेल्थकेयर प्रोडक्ट के पोर्टफोलियो को बढ़ाती रहेगी। कंपनी 2020 तक देश की टॉप 3 ओवर दि काउंटर प्रोडक्ट कंपनियों में आना चाहती है। कंपनी के मुताबिक देश में एनेलजेसिक बाजार 6450 करोड़ रुपए का है। इसमें एनेलजेसिक टैबलेट का बाजार दिसंबर 2018 तक 2050 करोड़ रुपए का था। पीरामल एंटरप्राइजेस के मुताबिक 1 सेकंड में 31 सेरिडॉन बेची जाती है।

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