Visakhapatnam gas leak

विशाखापट्टनम में केमिकल प्लांट से जहरीली गैस लीक, 1 बच्चें सहित 11 लोगों की मौत और 1000 से अधिक बीमार

विशाखापट्टनम के केमिकल प्लांट में जहरीली गैस के रिसाव से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लोगों की हालत काफी गंभीर है. जिनमें एक बच्चा भी शामिल है. इस भयंकर गैस रिसाव के कारण हजार से ज्यादा लोग बीमार पड़ चुके हैं . साथ ही करीब 300 लोगों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. जिनमें से 80 लोगों को वेंटिलेटर पर रखा गया है.

गैस के रिसाव की सूचना मिलते ही लोग जब मौके पर पहुंचे तो जहरीली गैस से उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी. साथ ही आंखों की जलन समेत कई समस्याओं की वजह से लोग वहीं बेहोश होकर भरभरा कर गिरने लगे. बताया जा रहा है कि लोगों को कोरोना वायरस का हवा में फैलने का अंदेशा हुआ. जिसकी वजह से सभी वारदात स्थल की ओर दौड़ पड़े और फिर बेहोश होकर गिरने लगे.

घटना की सूचना पाकर एंबुलेंस, फायर टेंडर की गाड़ियां और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. फिलहाल अब भी राहत बचाव का कार्य चल रहा है, जिसके लिए आपदा प्रबंधन की टीम को भी लगा दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि यह संयंत्र गोपालपट्नम इलाके में स्थित है. इस इलाके के लोगों ने आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ, जी मचलाना और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ने की शिकायत की. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक एस एन प्रधान ने कहा कि संयंत्र से रिसाव अब बहुत कम हो गया है लेकिन एनडीआरएफ कर्मी इसे पूरी तरह से बंद करने तक मौके पर मौजूद रहेंगे.

जगमोहन रेड्डी ने किया मुआवजे का ऐलान

बताया जा रहा है कि किंग जॉर्ज अस्पताल में काफी लोगों को भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि गैस रिसाव को काबू कर लिया गया है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने घटना के बारे में जानकारी ली है और जिला कलेक्टर को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि प्रभावित लोगों को उचित इलाज मिले. साथ ही उन्होंने मुआवजे का भी ऐलान किया. जिसमेंं उन्होंने कहा कि हादसे के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसके साथ ही पीड़ितों को 10-10 लाख रुपये और डिस्चार्ज किए जा चुके लोगों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी.

पीएम ने ली घटना की जानकारी

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश की घटना पर एक ट्वीट किया था. जिसमें उन्होंने लिखा था कि- विशाखापत्तनम की स्थिति के बारे में गृह मंत्रालय और एनडीएमए के अधिकारियों से बात की, जिस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. मैं विशाखापत्तनम में सभी की सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं.

गैस रिसाव की घटना सुनकर कई लोग मौके पर पहुंचे, मगर आंखों में जलन और गैस की तीखी गंध को सहन करने में असमर्थ लोग सड़कों पर ही भरभरा कर गिरने लगे. इस जहरीली गैस का असर इतना ज्यादा है कि बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में ही बेहोश हो गए. साथ ही बड़ी संख्या में जानवरों की भी मौत हो गई है. कहा जा रहा है कि बेहोश होने वालों मे ज्यादा संख्या बच्चे और बूढ़े की हैं.आसपास के हालात देखकर समझ आ रहा है कि गैस की गंध इतनी ज्यादा है जिसके कारण आसपास काफी दूर तक पेड़-पौधें भी मुरझा गए है.

बताया जा रहा है कि गैस करीब 20 गावों तक फैल चुका है. उस इलाके के कई गावों को खाली करा दिया गया है. कई लोग अपने घरों में कैद हैं. अधिकारियों ने लोगों को दोपहर तक गोपालपट्टनम की ओर न जाने की सलाह दी.

हवा में जहर घोलने वाली कंपनी हिंदुस्तान पॉलिमर की स्थापना 1961 में हुई थी. 1997 में कंपनी को साउथ कोरिया के एलजी केमिकल ने टेकओवर किया था जिसे एलजी पॉलिमर नाम दिया गया था. इसी कंपनी से निकली जहरीली गैस एक बड़े इलाके को तबाह कर चुकी है. जहां लोग सांस लेने के लिए बेचैन हैं लेकिन फिलहाल हवा में मौत का जहर घुल रहा है.

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