Arvind Kejriwal

दिल्ली में अभी लॉकडाउन में कोई छूट नहीं- मुख्यमंत्री केजरीवाल

देश में कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा – दिल्ली में अभी लॉकडाउन में कोई ढील नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन महीनें में विदेशों से आए लोगों में सबसे ज्या दा लोग दिल्ली आए है. मरकज के चलते जो भी हुआ उसके बाद सबसे ज्यादा इसकी मार दिल्ली को झेलनी पड़ ही है. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि अगर लॉकडाउन में जरा सी भी ढिलाई दी तो स्थिति और खराब होगी और इस वजह से हम खुद को कभी माफ नहीं कर पाएंगे. इसी वजह से हमने फैसला लिया है कि दिल्ली वालों की जिंदगी का ध्यान रखते हुए कि फिलहाल लॉक डाउन की शर्तों में कोई ढिलाई नहीं दी जाएगी. एक हफ्ते बाद दोबारा स्थिति पर विचार करेंगे.

अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार का कहना है कि जो हॉटस्पॉट हैं उनमें फिलहाल ढील नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वहां पर स्थिति खराब है. दिल्ली में 11 जिले हैं और सभी 11 जिले हॉटस्पॉट घोषित हैं. पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी होनी शुरू हुई है ऐसे में हॉटस्पॉट जोन में ढील नहीं दी जा सकती. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं, जिनमें वायरस का कोई लक्षण दिखाई नहीं देता. शनिवार को दिल्ली में मिले सभी 186 मरीजों में कोरोना के लक्षण नहीं दिखें. इनसे बात करने पर पता चला कि उन्हें पता ही नही था कि उन्हें कोरोना है और ये लोग लगातार फूड सेन्टर में खाना बंटवाने जा रहे थे. आज 77 कन्टेनमेंट जोन बन गए हैं.

अरविंद केजरीवाल ने कहा -यह बात निकलकर आई कि जहां पर लोगों ने बात मानी और अनुशासन का पालन किया वहां पर एक भी मामला नहीं आया, लेकिन जहां पर लोगों ने बात नहीं मानी और वह गलियों में निकल आए वहां हॉटस्पॉट क्षेत्र में नए मामले सामने आए हैं. जैसे मैंने आपको कल जहांगीरपुरी का उदाहरण दिया, उसमें एक ही परिवार के 26 केस सामने आए है. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि आप विदेशों में देखो क्या हो रहा है. आज दिल्ली में देश की 2 प्रतिशत जनसंख्या संख्या रहती है लेकिन देश के 12% कोरोना मामले यहां हैं.

मुख्यमंत्री केजरीवाल की डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली में कोरोना तेजी से फैल रहा है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है,

स्थिति चिंताजनक है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. दिल्ली में कोरोना के 1893 मामले हैं. जिनमें से 26 ICU में और 6 वेंटीलेटर पर हैं. सोच कर देखिए कि अगर लॉकडाउन नहीं होता तो क्या होता. अगर 3000 लोगों को आईसीयू की जरूरत पड़ जाती, दो ढाई हजार लोगों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ जाती तो इतने तो हमारे पास है भी नहीं. ऐसे में हमने लॉकडाउन को लेकर कोई रियायत नहीं देने को निर्णय लिया है.

बता दें कि देश में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. देश में अब तक 15700 से ज्यादा कोरोना मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. वहीं दिल्ली में करीब 1900 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं. साथ ही दिल्ली में अभी तक 42 लोगों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है. वहीं कोरोना संकट को देखते हुए देश में 3 मई तक लॉकडाउन लागू है.

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