Nirmala Sitharaman

निर्मला सीतारमण के प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 12 मई को 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर पैकेज के भारी भरकम पैकेज का ऐलान किया गया. उसी पैकेज के बारे बात करने के लिए शाम 4 बजे से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पैकेज का किस तरह इस्तेमाल किया जाएगा, उसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा था कि वित्त मंत्रालय इस पैकेज को लेकर एक-एक कर इसे सिलसिलेवार तरीकें से कहां कितने खर्च किए जाएंगे इसकी जानकारी देगा.

20 लाख करोड़ रुपए के इस पैकेज पर आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को 15 घोषणाएं कीं. इनमें 6 घोषणाएं छोटे-मझले उद्योगों के लिए, 3 टैक्स से जुड़ी, 2 इम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड पर, 2 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए और एक-एक घोषणा पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए की गई.

MSME के लिए प्रमुख ऐलान

निर्मला सीतारमण ने कहा कि MSME देश की रीढ़ है. साथ ही यह सेक्टर 12 करोड़ लोगों को रोजगार देता है. इसलिए MSME और बिजनेस के लिए 3 लाख करोड़ रुपये के लिए कोलैटरल फ्री 100% ऑटोमैटिक लोन दिया जाएगा. इसका समय-सीमा 4 वर्ष का होगा, 12 महीने तक मूलधन भी नहीं चुकाना होगा. इसके साथ ही स्ट्रेस्ड MSMEs के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का सबॉर्डिनेट डेट भी दिया गया है. जिसमें 2 लाख MSME को फायदा मिलेगा.

वित्त मंत्री ने बताया कि 200 करोड़ रुपये के लिए ग्लोबल टेंडर की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके अलावा बिजनेस और वर्करों को तीन महीनों के लिए 2,500 करोड़ रुपये ईपीएफ सपॉर्ट दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसके अलावा उन MSME के लिए जो बेहतर कर सकते हैं, उनके लिए फंड ऑफ फंड्स तहत 50 हजार करोड़ रुपये की इक्विटी इंफ्यूजन होगा. ताकि वो बड़ा आकार ले सके. उन्होंने बताया कि MSME को एक साल तक ईएमआई चुकाने से राहत मिलेगी. इसके साथ ही 45 लाख MSME को इससे फायदा मिलेगा. वित्त मंत्री ने बताया कि इस पैकेज पर लंबी चर्चा के बाद निर्णय लिया गया है. साथ ही उन्होंने बताया कि इस पैकेज के हर बैठक में पीएम मोदी खुद मौजूद थे. ये पैकेज भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बहुत अच्छा कदम हैं.

निर्मला सीतारमण ने बताया कि 18000 हजार करोड़ रुपये टैक्स पेयर्स को रिफंड देकर राहत दी गई है. जिससे 14 लाख टैक्सपेयर्स को इसका फायदा भी मिला है. उन्होंने बताया कि पहली बार जब राहत पैकेज की घोषणा की गई थी. उसमें 41 करोड़ अकाउंट्स में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे मदद पहुंचाई गई थी. वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण जैसे ही लॉकडाउन की घोषणा हुई. सरकार 1.7 लाख करोड़ रुपये का पैकेज लेकर आई और हमने यह सुनिश्चित किया कि देश का कोई गरीब, किसान और मजदूर भूखा ना रहे.

पीएम मोदी ने कल आत्मनिर्भर भारत के पांच पिलर पर बात की थी, उसको आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के पांच पिलर हैं. ये हैं- इकॉनमी, इंफ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्रॉफी और डिमांड. पीएम मोदी के लोकल प्रोडक्टस पर बात करत हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब यह नहीं है कि हम दुनिया में अलग हो जाएंगे. लेकिन अभी यह जरूरी है कि विकास दर में तेजी आए और हम आत्मनिर्भर बनें.

1.7 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज ला चुकी सरकार

बता दें कि मार्च के महीने में सरकार पहले ही 1.7 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज ला चुकी है. इस पैकेज के जरिए सरकार की कोशिश हर शख्स की पेट भरने की थी. जिसमें जनधन खाते में तीन महीने के लिए 500-500 रुपये डाले जा रहे हैं. साथ ही पीएम किसान योजना की किस्त जमा की गई है. इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत तीन महीने के लिए गैस सिलिंडर मुफ्त में बांटे जा रहे हैं.

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