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तब्लीग़ी जमात से जुड़े 2200 विदेशी नागरिकों की भारत यात्रा पर 10 साल का प्रतिबंध

निजामुद्दीन मरकज़ मामले में गृह मंत्रालय ने आज बड़ा फैसला लिया है. मंत्रालय ने दिल्ली मरकज़ में हुए तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले विदेशी नागरिकों को 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है. खबरों के मुताबिक 2,550 विदेशी नागरिकों को ब्लैकलिस्ट किया गया है. बता दें कि दिल्ली पुलिस की सिफारिश पर केन्द्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए तबलीगी मरकज में शामिल हुए विदेशी जमातियों पर भारत में आने पर 10 साल तक रोक लगा दी है.

इससे पहले 2 अप्रैल को सरकार ने वीजा शर्तों का उल्लंघन कर तबलीगी जमात की गतिविधियों में शामिल होने के कारण 960 विदेशियों के नाम ब्लैकलिस्ट किए थे. गृह मंत्रालय के कार्यालय ने दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों के पुलिस प्रमुखों को विदेशी कानून और आपदा प्रबंधन कानून के तहत इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा था.

ब्लैकलिस्ट किए गए विदेशियों में माली, नाइजीरिया, श्री लंका, केन्या, जिबूती, तंजानिया, दक्षिण, अफ्रीका, म्यांमार, थाईलैंड, बांग्लादेश, यूके, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल के नागरिक शामिल हैं. बड़ी संख्या में निजामुद्दीन मरकज में विदेशियों को भारत में यात्रा करते हुए पाया गया था, जिन्होंने तबलीगी जमात से संबंधित गतिविधियों में भाग लिया. जांच में यह भी पता चला है कि इनमें से अधिकतर विदेशी पर्यटक वीजा या ई-वीजा पर आए थे. वीजा की शर्तों के उल्लंघन के मामले पर भारत सरकार ने सभी के वीजा रद्द कर दिए थे, जिससे कोई भी देश से बाहर ना जा सके.

बता दें कि मौलाना साद ने कोरोना महामारी के बीच हज़रत निज़ामुद्दीन में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम का आयोजन किया था. जहां से काफी लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए जिसके बाद उस पर कार्रवाई हुई. यहां बड़ी संख्या में भारतीय और विदेशी मुसलमान पहुंचे थे और उन्होंने तब्लीगी जमात कार्यक्रम में​ हिस्सा लिया. यहां सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन नहीं किया गया और ये कोरोना वायरस के फैलने की बड़ी वजह भी बना. 

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