अलगाववादी नेताओं की गिरफ्तारी पर महबूबा मुफ्ती ने उठाए सवाल | Publick View

अलगाववादी नेताओं की गिरफ्तारी पर महबूबा मुफ्ती ने उठाए सवाल

mehbooba mufti

जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने पर महबूबा मुफ्ती ने उठाए सवाल

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आंतकी हमले के बाद से केन्द्र सरकार ने अलगाववादी नेताओं की नकेल कसना शुरु कर दिया है. कश्मीर घाटी में धड़-पकड़ अभियान चलाया जा रहा है. 25 फरवरी को अनुच्छेद 35ए पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले यह कदम उठाया गया है, ताकि घाटी में माहौल खराब होने से रोका जा सके. कश्मीर घाटी में पुलिस अधिकारियों ने सख्त रवय़ा अपनाते हुए जमात-ए-इस्लामी, अब्दुल हमीद फयाज और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चेयरमैन यासीन मलिक समेत दर्जनों लोगों को हिरासत में ले लिया है.

जम्मू एवं कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और पीपुल्स कांफ्रेंस (पीसी) के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने जमात-ए-इस्लामी के दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के पीछे की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठाया है. कश्मीर घाटी में पुलिस अधिकारियों ने सख्त रवय़ा अपनाते हुए जमात-ए-इस्लामी, अब्दुल हमीद फयाज और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चेयरमैन यासीन मलिक समेत दर्जनों लोगों को हिरासत में ले लिया है.

मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा, “पिछले 24 घंटे में, हुर्रियत नेताओं और जमात संगठन के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है.” उन्होंने कहा, “इस तरह के मनमाने कदम को समझ नहीं पा रही, जिससे केवल मामला उलझेगा..उनकी गिरफ्तारी किस कानूनी आधार के अंतर्गत की गई है और क्या वह जायज है? आप एक व्यक्ति को जेल में डाल सकते हो लेकिन उसके विचारों को नहीं.”

पूर्व राज्य मंत्री सजंद लोन ने भी ट्वीट कर सवाल उठाया, “सरकार गिरफ्तारी की होड़ में दिखाई दे रही है. चेतावनी सिर्फ एक शब्द है. 1990 में बड़ी संख्या में गिरफ्तारी हुई थी.”कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लोन ने कहा, “नेताओं को जोधपुर और देश भर की अलग-अलग जेलों में ले जाया गया. चीजें और बिगड़ गई हैं. यह एक आजमाया हुआ और विफल मॉडल है. यह काम नहीं करेगा. चीजें और बिगड़ेंगी.”

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