नई दिल्ली (रिपोर्ट साभार-जनसत्ता):  अपने पूर्व छात्र एक्टर शाहरुख खान को जामिया मिलिया इस्लामिया ने मानद डिग्री देने की दरख्वास्त केंद्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय को की थी. जिसे मंत्रालय ने खारिज कर दिया है. दरख्वास्त खारिज करने की वजह यह बताई जा रही है कि, शाहरुख को मौलाना आजाद उर्दू यूनिवर्सिटी की ओर से ऐसी ही डिग्री दी जा चुकी है. हालांकि, इस तरह की रोक पहले कभी नही रही है. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राईट टु इन्फॉर्मेशन एक्त के तहत यह जानकारी मिली है कि, जामिया के तरह से यह दरख्वास्त बीते साल के फरवरी में ही की गई थी. इस रिपोर्ट को मंत्रालय ने दरख्वास्त करने के तीन महीनें बाद ही खारिज कर दी थी.

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बारे में जब उन्होंने हायर एजुकेशन सेक्रेटरी के आर सुब्रमण्यम से बात की तो उन्होंने इस बात को माना कि, ‘इस बारे में यूजीसी की ओर से कोई नियम नही तय किए गए है. बड़ी हस्तियों को इस तरह के मानक डॉक्टरेट विभिन्न विश्वविधालयों की तरफ से देने के बारे पूछे जाने पर आर सुब्रमण्यम ने कहा कि, यह तब संभव हुआ होगा जब एक संस्थान को यह नही पता होगा कि दूसरा संस्थान क्या कर रहा है. उनके कहने के मुताबिक, इस तरह एक ही व्यक्ति को दो मानद डिग्री देने के चलन को हम बढ़ावा नही देते.

शाहरुख खान रह चुके है जामिया एजेके के पूर्व छात्र

1988-90 में शाहरुख जामिया के एजेके मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर के छात्र रह चुके है. हालांकि, शाहरुख कम अटेडेंस की वजह से इस पेपर के फाइनल एग्जाम में नही बैठ पाए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल के 30 जनवरी को जामिया की ओर से शाहरुख खान को चिठ्ठी लिखी गई. इसमें यह कहा गया था कि शाहरुख जामिया के सबसे प्रतिष्ठित पूर्व छात्र रहे है, तो विश्वविधालय मानद डिग्री देकर इस रिश्तें को मजबूत रखना चाहता है.

शाहरुख कि तरफ से पिछलें साल ही इसकी रजामंदी दे दी गई थी. शाहरुख के एक सहयोगी की ओर से यह भी लिखा गया था कि, इस डिग्री को कबूल करना गर्व की बात होगी. जामिया प्रशासन मंत्रालय की मंजूरी का ही इंतजार कर रहा था.

रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय की ओर से अंडर सेक्रेटरी पीके सिंह ने जामिया के नाम 26 फरवरी को एक खत लिखा था. इस खत में जामिया के प्रशासन से पूछा गया की क्या इस मामले में जामिया के सक्षम अधिकारियों से इजाजत ले ली गई है. इसी के साथ, 14 मार्च 2018 को जामिया के मीटिंग के मिनट्स के मुताबिक, यह डिग्री शाहरुख को देने की मंजूरी दे दी गई थी. इस बात की जानकारी मंत्रालय को दे दी गई थी. हालांकि, पीके सिंह ने जामिया प्रशासन को 11 अप्रैल को एक और खत लिखा था, जिसमें इजाजत देने से इनकार कर दिया गया था. साथ ही मौलाना आजाद संस्थान की ओर से दी गई डिग्री की जानकारी भी दे दी गई थी.

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