आधी आबादी के खिलाफ ये कैसी मानसिकता ?

आजकल एक मैट्रिमोनियल विज्ञापन सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. जिसमें अभिनव कुमार नाम के एक युवक ने उसकी होने वाली दुल्हन में क्या-क्या गुण हों उसको लेकर एक विज्ञापन दिया था. वैसे तो न्यूजपेपर और मैट्रिमोनियल साइट्स पर मनचाहे दूल्हा-दुल्हन के लिए विज्ञापन देना आम बात है. यहां पर लोग अपनी जानकारी के साथ-साथ अपने होने वाले जीवनसाथी के बारे में भी लिखते हैं कि उनके साथी में कौन-कौन से गुण होने चाहिए. खबर देखी जाए तो आम है लेकिन विज्ञापन में युवक ने जिस तरह विस्तार में ये बताया है कि उसे कैसी दुल्हन चाहिए वो आम नहीं है.

इस विज्ञापन में युवक ने विस्तार से बताया कि उसकी होने वाली दुल्हन ब्राह्मण, गोरी, सुंदर, वफादार, भरोसेमंद, देखभाल करने वाली, अमीर, पावरफुल और वर्किंग दुल्हन चाहिए. वो बात अलग है कि अभिनव जी खुद कुछ नहीं करते. अभिनव की मांग यहीं तक खत्म नहीं होती…उनका कहना है कि दुल्हन में देशभक्ति की भावना भी कूट-कूटकर भरी होनी चाहिए… दुल्हन भारत की सैन्य और खेल क्षमताओं को बढ़ाने में भी दिलचस्पी रखती हो. दुल्हन एक्सट्रीमिस्ट होने के साथ-साथ विनम्र और बच्चे की परवरिश करने में एक्सपर्ट होनी चाहिए…

इस विज्ञापन को देख लोगों को गुस्सा भी आ रहा है और हसीं भी… सोशल मीडिया पर इस युवक को खूब ट्रोल किया जा रहा है… लेकिन क्या बात यहीं खत्म हो जाती है? जहां हम लड़कियों को आगे बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण के दावें करते हैं और कई तरह की महिलाओं को आगे बढ़ाने उन्हें समानता का अधिकार दिलाने की बात करते हैं. उसी देश में उसी जगह पर आप और हममें से कोई एक व्यक्ति होता है जो इस तरह की चीजें सोचता है. हम ये नहीं कह सकते है कि ये तो एक व्यक्ति है ऐसा, बाकि सब ठीक हैं. हम इस बात को बहुत अच्छे से जानते हैं कि हम अब भी जब किसी सुदंर लड़की की बात करते हैं तो हमारे जहन में किसी गोरी और पतली लड़की की परछाईं उभर कर आती है…

इस पूरे विज्ञापन को पढ़िए तो पाएंगे कि जो गुण इस युवक ने अपनी दुल्हन के लिए विज्ञापन में लिखे हैं. वैसा क्या किसी एक लड़की में होना आसान है या ऐसी कोई लड़की होगी जिसमें ये सारे गुण हों. हम इस बात से बिल्कुल इनकार नहीं कर सकते कि ऐसे लोग हमारे समाज में नहीं हैं… क्यों हर बार किसी भी लड़की के लिए जरूरी है कि वो अपनी क्षमताओं का प्रमाण दे? वो कितना भी पढ़ लिख ले… मगर जब शादी की बात आती है तो उसे हमेशा उससे सही तरीके से घर संभालना और बच्चों को पालना आए ये उम्मीद की जाती है…

अभिनव इस तरह का विज्ञापन देने वाले पहले और आखिरी व्यक्ति नहीं हैं… जिन्होंने विज्ञापन के जरिए एक लड़की में इतने सारे गुण होने की उम्मीद लगाई है… क्या अब हमें इसके बारे में सोचने की जरूरत नहीं है ? एक तरफ हम महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते हैं वहीं दूसरी तरफ ऐसी चीजों की उम्मीद करते हैं?

पब्लिक व्यू डेस्क

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *