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लॉकडाउन के दौरान स्कूल की मनमानी, बिना किताब परेशान बच्चे और अभिभावक

कोरोना महामारी और लॉकडाउन के इस दौर में ज़िंदगियाँ बहुत बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं. उद्योग जगत से लेकर मनोरंजन जगत तक काम ठप पड़ा है. अर्थव्यवस्था की हालत ख़राब है और लोग खाने को तरस रहे हैं. लेकिन इन सबके बीच शिक्षा जगत को बहुत ज़्यादा नुक्सान हो रहा है. विश्वविद्यालय से लेकर सभी स्कूल भी बंद चल रहे हैं. कई संस्थाओं ने ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था की. वहीँ दूसरी तरफ कई ऐसी खबरें भी सामने आयी के स्कूल बच्चों के माता पिता पर ऑनलाइन फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं. लेकिन इन सबसे दूर एक दूसरी परेशानी बच्चों के माता पिता के सामने आ खड़ी हुई है और वो है बच्चों का होमवर्क. कोरोना महामारी और लॉकडाउन के इस दौर में ज़िंदगियाँ बहुत बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं. उद्योग जगत से लेकर मनोरंजन जगत तक काम ठप पड़ा है. अर्थव्यवस्था की हालत ख़राब है और लोग खाने को तरस रहे हैं. लेकिन इन सबके बीच शिक्षा जगत को बहुत ज़्यादा नुक्सान हो रहा है. विश्वविद्यालय से लेकर सभी स्कूल भी बंद चल रहे हैं. कई संस्थाओं ने ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था की. वहीँ दूसरी तरफ कई ऐसी खबरें भी सामने आयी के स्कूल बच्चों के माता पिता पर ऑनलाइन फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं. लेकिन इन सबसे दूर एक दूसरी परेशानी बच्चों के माता पिता के सामने आ खड़ी हुई है और वो है बच्चों का होमवर्क.

कई स्कूलों ने गर्मी की छुट्टियों की घोषणा कर दी है और उस हिसाब से बच्चों को होमवर्क देना भी शुरू कर दिया है. लेकिन बच्चों के परिवार वालों के सामने एक समस्या यह है के न तो बच्चों के पास नयी किताबें हैं न ही मार्किट में किताबों की दुकानें खुली हैं. ऐसे में होमवर्क पूरा करना बहुत ही दुश्वारी का काम है. वहीं प्राइवेट स्कूल अपने मन मुताबिक़ होमवर्क दे रहे हैं जो खर्चीला भी है. लॉकडाउन में अभिभावकों के लिए ये खर्च उठाना मुश्किल है. 
कई स्कूलों ने गर्मी की छुट्टियों की घोषणा कर दी है और उस हिसाब से बच्चों को होमवर्क देना भी शुरू कर दिया है. लेकिन बच्चों के परिवार वालों के सामने एक समस्या यह है के न तो बच्चों के पास नयी किताबें हैं न ही मार्किट में किताबों की दुकानें खुली हैं. ऐसे में होमवर्क पूरा करना बहुत ही दुश्वारी का काम है. वहीं प्राइवेट स्कूल अपने मन मुताबिक़ होमवर्क दे रहे हैं जो खर्चीला भी है. लॉकडाउन में अभिभावकों के लिए ये खर्च उठाना मुश्किल है. 

स्कूल के व्हाट्सएप्प ग्रुप पर अभिभावकों ने जताई नाराज़गी
स्कूल के व्हाट्सएप्प ग्रुप पर अभिभावकों ने जताई नाराज़गी 

एक ऐसा ही मामला पुब्लिक व्यू की टीम के संज्ञान में आया है जो उत्तर उत्तरी दिल्ली के एक स्कूल से जुड़ा है. जहाँ बच्चों को होमवर्क देने से पहले ही अभिभावकों ने क्लास टीचर को इस बात से आगाह किया था की बच्चों के पास किताबें नहीं हैं और इस वक़्त कई परिवारों की माली हालत भी ख़राब है. इस वजह से होमवर्क इस हिसाब से दिया जाए के बच्चे भी आराम से इसे पूरा कर लें और अभिभावकों को भी बोझ ना लगे. 

लेकिन हुआ ठीक इसका उल्टा. स्कूल ने मनमाने तरीके से होमवर्क दे दिया. उसके बाद कई अभिभावकों ने क्लास टीचर से व्हाट्सएप्प ग्रुप में इस बात की शिकायत की. यह लोग इस बात से खासे नाराज़ दिखे के स्कूल को पहले ही सारी बात बताने के बावजूद स्कूल ने ऐसी हरकत की है.

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