“भाजपा को समस्याओं के समाधान में कोई रुचि नहीं”: अनुप्रिया पटेल

नई दिल्ली: देश में होने वाले अगामी लोकसभा चुनाव के ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा झटका लग सकता है. भाजपा के सहयोगी दल उससे नाराजगी जता रहे हैं. सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बाद मोदी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री और अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल ने भी कहा है कि भाजपा गठबंधन को लेकर गंभीर नहीं है.

अनुप्रिया ने कहा कि भाजपा को सहयोगी दलों की कोई परवाह नहीं है. यही वजह है कि अब अपना दल कोई भी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है और पार्टी लोकसभा चुनाव में सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार सकती है.

पार्टी ने भाजपा को 20 फरवरी तक का समय दिया था , उसकी मियाद खत्म हो चुकी है. पटेल ने कहा कि इससे लगता है कि भाजपा को शिकायतों से कोई लेना-देना नहीं है. समस्याओं के समाधान में कोई रुचि नहीं है.

क्राउन प्रिंस का दौरा लोकसभा चुनाव पर क्या असर डालेगा?

अपना दल सूत्र के मुताबिक अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष पटेल, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात कर चुके हैं प्रियंका के आवास पर हुई बैठक में दोनों नेताओं ने कांग्रेस से गठबंधन की संभावनाओं पर व्यापक विचार विमर्श किया. बैठक में उत्तर प्रदेश में गठबंधन की सभी संभावनाओं पर विचार किया गया. अंतिम निर्णय के लिए दोनों नेताओं ने कांग्रेस से एक सप्ताह का समय मांगा है.

कांग्रेस को बड़े ओबीसी चेहरे की तलाश है. अनुप्रिया के आने से उनकी यह कमी पूरी हो सकती है. 2014 के चुनावों में उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर सीट से अपना दल की ओर से भाग लिया था. अनुप्रिया पटेल मोदी सरकार की सबसे युवा मंत्री हैं तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री के रूप में कार्यरत है अनुप्रिया पटेल अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं अनुप्रिया की पार्टी का प्रभाव पूर्वांचल के कुछ जिलों में है. मंत्री बनने के बाद उनकी पहचान में और भी बढ़ोतरी हुई है.

पब्लिक व्यू डेस्क

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *