coronavirus in bihar

बिहार: कोरोना माई के बाद बिहार में एक और अंधविश्वास ने उड़ाई सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

एकतरफ जहां विश्व कोरोना की इस महामारी से उबरने की कोशिश कर रहा है. वहीं, दूसरी तरफ इस वक्त में भी बिहार में अंधविश्वास ने अपने पांव पसारने शुरू कर दिए है. कोरोना माई की पूजा के बाद अब मामला बिहार के बक्सर का है. जहां एक घर में भगवान शिव की तस्वीर उभरने का दावा किया जा रहा है. बिहार में जहां कोरोना अपने पांव तेजी से पसार रहा है वहां इस तरह के अंधविश्वास और अफवाहों से लोग भ्रमित हो रहे है.

मामला बिहार के बक्सर का है जहां एक घर में भगवान शिव की तस्वीर उभरने का दावा किया जा रहा है. इस बात की खबर गांव भर में फैलते देर नहीं लगी, जिसके बाद हर कोई भगवान शिव के दर्शन करने पहुंच गया. यहां इस अफवाह के फैलने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ लग गई. इस भीड़ में लोगों ने फिजिकल डिस्टेसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई. मामला यहां तक पहुंच गया कि भीड़ को काबू करने के लिए स्थानिय लोगों को पुलिस बुलानी पड़ी.

बता दें कि इससे पहले बिहार के गोपालगंज के हथुआ इलाके के मछागर लछीराम गांव में सोमवार को काफी संख्या में महिलाएं जमा हो गई. हाथों में पूजन सामग्री लिए महिलाएं भक्ति गीत गाकर नाराज कोरोना माई को मनाने और उनसे उनके इलाके से चले जाने का गुहार लगा रही थी. देखते-देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई. इस दौरान महिलाएं फिजिकल डिस्टेसिंग के प्रावधानों व कोरोना संक्रमण को लेकर बिल्कुल बेपरवाह दिखीं. इन महिलाओं से जब कुछ लोगों ने बात की तो इन्होंने जवाब दिया कि ‘माई सब ठीक कर देगी.’ बाद में सोशल मीडिया के तहत ये अफवाह फैलने पर ऐसे ही मामले बिहार और यूपी के कई इलाके में नजर आएं.

सवाल यह है कि इस तरह के अंधविश्वास की शुरूआत कैसे होती है? महिलाओं को कोरोना माई का आइडिया कैसे आया या घर में किसी तरह की आकृती के उभरने पर लोग उसमें भगवान को कैसे ढूढ़ लेते है? इन सब में लोगों से बात करने पर वो इन सबमें आस्था का तर्क देते है. ऐसे में हम कोरोना को तो खत्म कर लेंगे लेकिन क्या इन अंधविश्वासों को खत्म कर पाएंगे?

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