हमारे बारे में | Publick View

हमारे बारे में

1690 में जब बेंजामिन हैरिस ने “Publick Occurrences, Both Foreign and Domestic” का पहला संस्करण निकाला होगा उन्होंने भी नहीं सोचा होगा के पत्रकारिता का स्वरुप इतना बदल जायेगा. क़लम के सहारे शुरू हुई पत्रकारिता अब कीबोर्ड के रास्ते होते हुए चमकीली स्क्रीन पर आ गयी है. पत्रकारिता में हो रहे इस परिवर्तन को भारतीय युवाओं ने हाथों-हाथ लिया. भारत अब सोशल मीडिया पर ख़बरों का जाल बुन चुका है. इसी कड़ी में एक नयी शुरुआत का नाम है “Publick View”. ख़बरों के मायाजाल के बीच यह भी बहुत ज़रुरी है के सही खबर समय रहते आम नागरिकों तक पहुँच जाये.

इस दौर में समाज के उस हिस्से की आवाज़ का सत्ता के गलियारे से लेकर आम नागरिकों तक पहुंचना बहुत ज़रूरी है जिन्हें मीडिया के एक हिस्से ने हाशिये पर धकेल दिया है. छात्र, किसान, अल्पसंख्यक और महिलाओं के मुद्दों को प्रमुखता के साथ अपनी ख़बरों में जगह देना हमारा उद्देश्य है. एजुकेशनल कैंपस में होने वाली राजनीति हमारे देश के भविष्य के लिए भी अहम् है. इस वजह से हमने छात्र राजनीति को प्रमुखता से जगह दी है. देश-विदेश, राजनीति, चुनाव और समाज में घट रही घटनाओं की भी विस्तृत और संतुलित रिपोर्ट देना हमारा लक्ष्य है. Publick View ख़बरों के प्रचार-प्रसार लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भरोसा करता है.

इसकी स्थापना के पीछे तीन युवा सोच का योगदान है. सोनाली ठाकुर, परवेज़ बिन सलाम और अबुज़र कमालुद्दीन ने अपने सार्थक प्रयास से इसकी स्थापना की. एक स्टार्ट-अप के रूप में शुरू हुए इस न्यूज़ पोर्टल के पीछे न तो किसी कंपनी और न ही किसी बाहरी व्यक्ति का आर्थिक रूप से कोई योगदान है.